वेदों में पूर्ण परमात्मा की पहचान

वेदों में पूर्ण परमात्मा की पहचानपवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है।ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह सर्वोत्पादक प्रभु , सृष्टि की रचना करने वाला, पाप कर्मो को हरण करने वाला राजा के समान दर्शनीय है इससे सिद्ध हुआ कि परमात्मा साकार है।ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 86 मंत्र 17 18 ,19 और 20 में प्रमाण है कि परमात्मा कबीर साहेब हैं और‌ वही असली राम हैं।अथर्वेद कांड नंबर 4 अनुवाद 1 मंत्र 7 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं।यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 1 ,6 और 8 में प्रमाण है कि परमात्मा साकार है।ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह परमात्मा पृथ्वी आदि लोकों के चारों तरफ शब्दायमान हो रहा है और वह अच्छी आत्मा को जो दृढ़ भक्त हैं उनको प्राप्त होता है।ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 94 श्लोक 4 में लिखा है कि वह परमात्मा अपने भक्तों को ज्ञान देने के लिए सशरीर आता है और सशरीर चला जाता है।पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है।ऋग्वेद मंडल 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब शास्त्र अनुकूल साधना करने वाले साधक के असाध्य रोग को ठीक करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है।पवित्र कुरान शरीफ सुरत फुर्कानी 25 आयत नंबर 52 से 59 में स्पष्ट लिखा है कि यह कबीर अल्लाह वही समरथ परमात्मा है जिसने संपूर्ण सृष्टि की रचना 6 दिन में की।कबीर जी ने बताया है”पाथर पूजे हरी मिले,तो मै पूजू पहाड़ !घर की चक्की कोई न पूजे,जाको पीस खाए संसार !!”हम सभी एक ही ईश्वर की संतान हैं । तो मज़हब तो बीच में आना ही नहीं चाहिए।हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना,आपस में दोउ लड़ी-लड़ी मुए,मरम न कोउ जाना।”कबीर साहेब कहते हैं कि हिन्दू राम के भक्त हैं और तुर्क (मुस्लिम) को रहमान प्यारा है। इसी बात पर दोनों लड़-लड़ कर मौत के मुंह में जा पहुंचे, तब भी दोनों में से कोई सच को न जान पाया।Ram Mandir Bhumi Pujan News का सार: सच्चाई तो यह है कि परमात्म राम स्वयं पृथ्वी पर मौजूद हैं हम उस असली राम को‌ न पहचान कर नकली राम के मंदिर की स्थापना की तैयारी में लगे हैं। केवल एक ही पूजनीय राम है जो सर्वसृष्टि रचनहार कबीर जी हैं। परमात्मा कबीर संत रामपाल जी महाराज जी रुप में धरती पर आए हुए हैं। आपको जाना चाहिए हिसार और आप जा रहे हैं अयोध्या।

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